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रविवार, 25 सितंबर 2016

भूली-बिसरी सी गलियाँ - 7



तुम्हारे विचारों का आह्वान 
मेरी ज़िद है 
मेरा मानना है 
देवताओं के साथ विचारों की उपस्थिति 
देवताओं की आरती है … 
मंदिर के पट बंद भी होते हैं
ऐसे में विचारों का शास्त्रार्थ
देवताओं के संग न हो
तो पूजा अधूरी होती है !  ... 



शनिवार, 24 सितंबर 2016

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