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मंगलवार, 31 अक्तूबर 2017

जब तक हम अनुभवों से नहीं गुजरते, तब तक सिर्फ रोते हैं !




"जब तक मैं उस आदमी से नहीं मिली थी जिसके पाँव नहीं थे, मैं मेरे पास जूते न होने पे बहुत रोती थी।"हेलेन केलर

जब तक हम अनुभवों से नहीं गुजरते, तब तक सिर्फ रोते हैं, 
अपना दुःख सबसे बड़ा लगता है !
जब तक अपना दुःख सबसे बड़ा लगे, समझो - दर्द को तुमने जिया ही नहीं, उससे रिश्ता बनाया ही नहीं  ... 


1 टिप्पणियाँ:

सुशील कुमार जोशी ने कहा…

सुन्दर बुलेटिन प्रस्तुति।

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