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बुधवार, 18 अक्तूबर 2017

दीवा जलाना कब मना है ? - ब्लॉग बुलेटिन

सभी हिन्दी ब्लॉगर्स को मेरा सादर नमस्कार।

दीवा जलाना कब मना है ?

है अँधेरी रात पर ,
दीवा जलाना कब मना है ?
क्या हवाएँ थीं की उजड़ा 
प्यार का वह आशियाना 
कुछ न आया काम तेरा
शोर करना , गुल मचाना ,
नाश की उन शक्तियों के
साथ चलता ज़ोर किसका ,
किंतु ऐ निर्माण के प्रतिनिधि ,
तुझे होगा बताना जो बसे हैं 
वे उजड़ते हैं प्रकृति के जड़ नियम से ,
पर किसी उजड़े हुए को 
फ़िर बसाना कब मना है ?
है अँधेरी रात पर 
दीवा जलाना कब मना है ?

                                   - डॉ . हरिवंश राय 'बच्चन'


सभी देशवासियों को दीपोत्सव के पावन पर्व 'दीपावली' की हार्दिक बधाई और शुभकामनाएँ। सादर ... अभिनन्दन।।  


~ आज की बुलेटिन कड़ियाँ ~













आज की बुलेटिन में बस इतना ही कल फिर मिलेंगे तब तक के लिए शुभ संध्या। सादर ...अभिनन्दन।। 

3 टिप्पणियाँ:

Shikha kaushik ने कहा…

दीपावली महापर्व की बहुत-बहुत शुभकामनाएँ

Manoj Kumar ने कहा…

बुलेटिन में पोस्ट को जगह देने के लिए शुक्रिया
दीपावली महापर्व की बहुत-बहुत शुभकामनाएँ

सुशील कुमार जोशी ने कहा…

दीप पर्व की शुभकामनाएं। बहुत सुन्दर प्रस्तुति हर्षवर्धन।

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