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शुक्रवार, 23 फ़रवरी 2018

वीनस गर्ल आज भी जीवित है दिलों में : ब्लॉग बुलेटिन


नमस्कार साथियो,
आज वीनस गर्ल के रूप में प्रसिद्द अभिनेत्री मधुबाला की ४९वीं पुण्यतिथि है. मधुबाला का जन्म १४ फरवरी १९३३ को दिल्ली में एक पश्तून मुस्लिम परिवार मे हुआ था. मधुबाला का बचपन का नाम मुमताज़ बेग़म जहाँ देहलवी था. बालीवुड में उनका प्रवेश बेबी मुमताज़ के नाम से हुआ. उनकी पहली फ़िल्म सन १९४२ में प्रदर्शित बसन्त थी. देविका रानी बसन्त मे उनके अभिनय से बहुत प्रभावित हुयीं, तथा उनका नाम मुमताज़ से बदल कर मधुबाला रख दिया. उन्हें मुख्य भूमिका निभाने का पहला मौका केदार शर्मा ने अपनी फ़िल्म नील कमल, जो वर्ष १९४७ में प्रदर्शित हुई, में दिया. इस फ़िल्म में उन्होंने राज कपूर के साथ अभिनय किया. इस फ़िल्म मे उनके अभिनय के बाद उन्हें सिनेमा की सौन्दर्य देवी (Venus Of The Screen) कहा जाने लगा.


मधुबाला अपने अभिनय, अपनी कला के लिए समर्पित रहती थीं. इसका उदाहरण मुग़ल-ए-आज़म फिल्म के दौरान देखने को मिला. मुगल-ए-आज़म में उनका अभिनय विशेष उल्लेखनीय है. इस फ़िल्म मे सिर्फ़ उनका अभिनय ही नहीं बल्कि कला के प्रति समर्पण भी देखने को मिलता है. इसमें अनारकली की भूमिका उनके जीवन की सबसे महत्वपूर्ण भूमिका रही. उनका लगातार गिरता हुआ स्वास्थ्य उन्हें इसकी अनुमति नहीं देता था कि वे अभिनय करें मगर वह भी उन्हें अभिनय करने से रोक रोक नहीं सका. उन्होंने इस फ़िल्म को पूरा करने का दृढ निश्चय कर लिया था. ऐसा बहुत कम कलाकारों में देखने को मिलता है. असल में मधुबाला हृदय रोग से पीड़ित थीं. इसकी जानकारी उन्हें वर्ष १९५० में उनके नियमित होने वाले स्वास्थ्य परीक्षण में हो गई थी. इसके बाद भी उन्होंने इसको फ़िल्म उद्योग से छुपाया रखा. बाद में इलाज के लिये जब वे लंदन गयी तो डाक्टरों ने उनकी सर्जरी करने से मना कर दिया क्योंकि उन्हे डर था कि वो सर्जरी के दौरान बच नहीं पाएंगी. मधुबाला ने जिन्दगी के अन्तिम ९ साल बिस्तर पर ही बिताये. अंततः सौन्दर्य की मलिका, वीनस गर्ल २३ फ़रवरी १९६९ को इस संसार से बहुत दूर चली गई.

बुलेटिन परिवार की ओर से मधुबाला को हार्दिक नमन और श्रद्धा-सुमन अर्पित हैं.


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6 टिप्पणियाँ:

सुशील कुमार जोशी ने कहा…

नमन मधुबाला जी को। सुन्दर बुलेटिन प्रस्तुति।

कविता रावत ने कहा…

बहुत अच्छी बुलेटिन प्रस्तुति ...

Udan Tashtari ने कहा…

बहुत आभार

रश्मि शर्मा ने कहा…

बहुत अच्छी बुलेटिन। मेरी रचना शामिल करने के लिए आभार

Dr. Brajesh Kumar Pandey ने कहा…

बहुत बहुत आभार मुझे भी सम्मिलित करने के लिए।

bas do minute ने कहा…

मेरी पोस्ट को शामिल करने के लिए आभार

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